दूसरी तरफ वित्त सचिव टीवी सोमनाथन का कहना था कि बिटकॉइन या एथेरियम जैसी क्रिप्टोकरेंसी कभी भी कानूनी निविदा नहीं बनेगी। सोमनाथन ने कहा कि डिजिटल रुपया आरबीआई द्वारा समर्थित होगा जो कभी भी डिफॉल्ट नहीं होगा। पैसा आरबीआई का होगा लेकिन प्रकृति डिजिटल होगी। आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल रुपया कानूनी निविदा होगी। हम डिजिटल रुपये के साथ गैर-डिजिटल संपत्ति खरीद सकते हैं जैसे हम अपने वॉलेट या यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए भुगतान करके आइसक्रीम या अन्य चीजें खरीदते हैं।

Investment Tips: उम्र और जरूरत के हिसाब से निवेशक एसेट एलोकेशन पर करें फोकस

Cryptocurrency Bill: आ रहा क्रिप्टो पर बैन वाला बिल: बिटकॉइन में पैसा लगाने वालों का क्या होगा? क्या फंस जाएगा? समझिए सबकुछ

  • नरेंद्र मोदी सरकार संसद के शीतकालीन क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर ला रही है बिल
  • चीन ने कुछ समय पहले ही क्रिप्टेकरेंसी पर बैन लगाया था
  • सरकार से मांग की जा रही है कि क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह बैन की जगह नियम बने

तो कुछ छूट भी मिलेगी!
हालांकि, इस प्रस्तावित विधेयक में भारत में सभी तरह की निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है। हालांकि, इसमें कुछ अपवाद भी है, ताकि क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित प्रौद्योगिकी एवं इसके उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। बिल में इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी के क्रिएशन के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने की भी मांग की गई है।

प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी के कारण आएगा अगला वित्तीय संकट, लगाया जाना चाहिए बैनः आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास

Shaktikanta Das File Photo

आरबीआई का लंबे समय से ये दृष्टिकोण रहा है कि प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा है और इसके इस्तेमाल को वैध बनाए जाने के खिलाफ रहा है. इस इश्यू से निपटे के लिए भारत ने हाल में अपनी क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च की है.

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबिशंकर ने हाल में कहा था कि सभी उपलब्ध डेटा भ्रामक है. उन्होंने डिजिटल करेंसी क्या है और उनका उद्देश्य क्या है, इस विषय की स्पष्ट समझ के लिए सभी तरह के नियम बनाने का आह्वान किया था. उन्होंने क्रिप्टो को प्रभावी तौर पर रेग्युलेट करने के लिए एक ही तरह के संवाद की जरूरत पर बल दिया था.

क्रिप्टो मार्केट में है जबरदस्त उथल-पुथल

बहुत अधिक उतार-चढ़ाव के बीच एफटीएक्स जैसा प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज दिवालिया हो चुका है. करीब 90 फीसदी क्रिप्टोकरेंसी का ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? अधिक कम हो चुका है. महज दो फीसदी क्रिप्टोकॉइन को हेल्दी लिक्विडिटी सपोर्ट मिल रहा है. एक नए अध्ययन में ये बातें सामने आई हैं. हाल के दिनों में अधिकतर क्रिप्टो करेंसीज में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. Bitcoin गिरकर 17000 डॉलर के आसपास आ गया है. इसके अलावा Ethereum और Binance में भी लगातार टूट देखने को मिल रही है.

क्‍या क्रिप्‍टोकरेंसी को देश में कानूनी मान्‍यता मिल चुकी है, यहां जानिये इससे जुड़े सवालों के जवाब

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Cryptocurrency: इस साल क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? क्रिप्टोकरेंसी के भारत में लीगल टेंडर यानी वैधानिक होने की खूब चर्चाएं थीं। सभी कारोबारी व निवेशक यह जानना चाह रहे थे कि सरकार इस पर मुहर क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? लगाती है या नहीं। इसके चलते आम बजट पर सभी की निगाहें थीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आभासी संपत्तियों पर कर लगाने के प्रस्ताव ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी की वैधता पर बहस छेड़ दी है। जबकि कई लोगों ने डिजिटल मुद्राओं पर कर लगाने के क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? निर्णय का स्वागत किया है, यह सोचकर कि यह आभासी मुद्राओं को पहचानने का पहला कदम है, सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या भारत में बिटकॉइन जैसी मुद्राओं को कानूनी निविदा माना जा सकता है। आखिर सरकार ने इस विषय पर अपना पक्ष भी स्‍पष्‍ट कर दिया था। गत 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट 2022-23 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस करेंसी से होने वाली आय पर सरकार कर जरूर लगाएगी लेकिन इसे देश में लीगल टेंडर किया जाना अभी तय नहीं है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ कहा था कि इस पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। इसके क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? साथ ही सरकार ने इस आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत कर लगाने का भी प्रस्ताव रखा था। जानिये इसके बारे में कुछ खास बातें।

डिजिटल टोकन को रेगुलेट करने की तैयारी: रिजर्व बैंक ने शुरू की कवायद, क्रिप्टो करेंसी के कारोबार को मिल सकती है मंजूरी

देर-सबेर ही सही, भारत में क्रिप्टो करेंसी को शर्तों और नियमों के साथ मंजूरी मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2 नवंबर को क्रिप्टो करेंसी कारोबार से जुड़े अहम लोगों के साथ मीटिंग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को RBI और दूसरी एजेंसियों के साथ इस बारे में बैठक की है।

जानकारी के मुताबिक, RBI ने बहुत ही शॉर्ट नोटिस पर यह बैठक बुलाई थी। 2 नवंबर को बुलाई गई बैठक में RBI के वरिष्ठ अधिकारी, तीन क्रिप्टो एक्सचेंज के अधिकारी, क्रिप्टो ब्रोकर और इंडिया टेक के अधिकारी शामिल हुए। इन सभी ने क्रिप्टो पर एक व्हाइट पेपर तैयार किया था। ऐसा माना जा रहा है कि चीन में भले ही क्रिप्टो पर पूरी तरह क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? से प्रतिबंध लगा है, पर भारत में कुछ नियंत्रण और शर्तों के साथ इसे मंजूरी मिल जाएगी।

Cryptocurrencies Latest Update: अंधकारमय दिख रहा है क्रिप्टोकरेंसी का फ्यूचर, अब रूस की केंद्रीय बैंक ने दिया बड़ा झटका

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क्रिप्टोकरेंसी के फ्यूचर को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। एक के बाद एक देश इस वर्चुअल मुद्रा को किसी न किसी तरह से प्रतिबंधित कर रहा है। इस क्या क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? कड़ी में नया नाम जुड़ा है रूस का। रूस के केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को वित्तीय स्थिरता, नागरिकों की भलाई और इसकी मौद्रिक नीति संप्रभुता के लिए खतरों का हवाला देते हुए रूसी क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल और माइनिंग पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया है।

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