उन्होंने हाल ही में आए विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा,‘सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष अपना गृह राज्य नहीं बचा सके, वहां हार का सामना करना पड़ा। अब ‘असली पप्पू’ कौन है?’ उन्होंने आगे कहा कि सरकार वह होनी चाहिए जो ‘मजबूत नैतिकता’, ‘मजबूत कानून व्यवस्था’ और ‘मजबूत अर्थव्यवस्था’ सुनिश्चित करे।

India foreign exchange reserves

भारत एफएक्स रिजर्व - घबराहट का समय?

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले सितंबर में 642 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। तब से भंडार गिर गया है। विदेशी मुद्रा भंडार 38 अरब अमेरिकी डॉलर घटा है, विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट जिसमें से 28 अरब अमेरिकी डॉलर पिछले पांच हफ्तों में ही आया है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि यह गिरावट किसी भी समय धीमी होने की संभावना नहीं है क्योंकि घरेलू इक्विटी और बॉन्ड बाजारों से डॉलर का बहिर्वाह जारी रहने की संभावना है। यदि लगभग 6 बिलियन अमरीकी डालर की साप्ताहिक गिरावट की वर्तमान गति जारी रहती है, तो भंडार केवल चार महीनों में 100 बिलियन अमरीकी डालर तक गिर सकता है! इस गिरावट का कारण क्या है और क्या हमें जल्द ही पैनिक बटन दबाने की जरूरत है? आइए जानें

विदेशी मुद्रा भंडार क्यों महत्वपूर्ण हैं?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश के केंद्रीय बैंक के पास संपत्ति है। हमें विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट विदेशी ऋण के साथ-साथ आयात का भुगतान करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की आवश्यकता है। मुद्रा के अवमूल्यन जैसी आपात स्थिति के मामले में उनका उपयोग बैकअप फंड के रूप में भी किया जाता है। भारत में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रिजर्व रखता है। किसी भी चीज़ से अधिक, उनका उपयोग आराम प्रदान करने के लिए किया जाता है कि भविष्य में आने वाले किसी भी भुगतान संतुलन या दिवाला संकट से निपटने के लिए पर्याप्त बफर है।

एक डॉलर की कीमत 80 रुपए विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट के करीब: कमजोर होते रुपए पर संसद में सवाल, केंद्र ने कहा- 2014 से रुपए की कीमत 25% गिरी

लोकसभा में इससे जुड़े एक प्रश्न के लिखित जबाव में केंद्र सरकार विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट ने माना कि बीते 8 साल में (दिसंबर 2014 के बाद) डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमतों में 16.08 रुपए (25.39%) की गिरावट आई है। जनवरी 2022 से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले डोमेस्टिक करेंसी में लगभग 7.5% की गिरावट आई है। जनवरी में रुपया 73.50 के करीब था।

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रुपए के टूटने के कारण बताए। उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन जंग जैसे ग्लोबल फैक्टर, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और ग्लोबल फाइनेंशियल कंडीशन्स का कड़ा होना, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के कमजोर होने के विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट प्रमुख कारण हैं।' उन्होंने कहा, 'ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन और यूरो जैसी करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की तुलना में ज्यादा कमजोर हुई हैं और इसलिए, भारतीय रुपया 2022 विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट में इन करेंसीज के मुकाबले मजबूत हुआ है।'

भारत का धीमा निर्यात चिंता का कारण क्यों है?

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भारत का निर्यात: एक वर्ष पूर्व की अवधि की तुलना में अक्टूबर में भारत के निर्यात में लगभग 16.7% की गिरावट आई है। भारत से निर्यात-आयात यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा एवं यूपीएससी मुख्य परीक्षा 2023 (भारत के आयात एवं निर्यात सहित अंतर्राष्ट्रीय संबंध तथा भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलू) के लिए महत्वपूर्ण हैं।

जरुरी जानकारी | विदेशी मुद्रा भंडार 2.91 अरब डॉलर बढ़कर 564.06 अरब डॉलर पर

जरुरी जानकारी | विदेशी मुद्रा भंडार 2.91 अरब डॉलर बढ़कर 564.06 अरब डॉलर पर

मुंबई, 16 दिसंबर देश का विदेशी मुद्रा भंडार नौ दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.91 अरब डॉलर बढ़कर 564.06 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विदेशीमुद्रा भंडार में लगातार पांचवें सप्ताह तेजी आई है। पिछले सप्ताह देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 11 अरब डॉलर बढ़कर 561.16 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।

गौरतलब है कि अक्टूबर, 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। वैश्विक घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय बैंक के रुपये की विनियम दर में तेज गिरावट को रोकने के लिए मुद्रा भंडार का उपयोग करने की वजह से बाद में इसमें गिरावट आई थी।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार पर दागे सवाल, कहा- बताइए 'असली पप्पू कौन है?'

Trinamool MP Mahua Moitra raised many questions central government asked who is the real pappu see video | टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार पर दागे सवाल, कहा- बताइए 'असली पप्पू कौन है?'

Highlights सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल। क्या यह एक स्वस्थ आर्थिक वातावरण का संकेत विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट है? भारतीय नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की कुल संख्या 12.5 लाख से अधिक हो गई है।

नई दिल्ली: अपने बयान के चलते विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट सुर्खियों में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की कई विदेशी मुद्रा भंडार में क्यों आई गिरावट नीतियों पर सवाल खड़े किए। अपनी स्पीच के दौरान उन्होंने इकोनॉमिक आंकड़े गिनाते हुए कहा कि 'सरकार हमें 10 महीने झूठ दिखाती है। आंकड़े बताते हैं कि असली पप्पू कौन है?'

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