2022 में ये 5 शेयर देंगे जबरदस्त मुनाफा

Top trending stock: 52 हफ्ते के टॉप पर IRCON International का शेयर, जानिए क्यों आ रही है तेजी

इरकॉन इंटरनेशनल (IRCON International) के शेयरों में सात फीसदी से अधिक तेजी आई है। एनएसई (NSE) पर यह 54 रुपये पर पहुंच गया जो इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। टेक्निकली इस शेयर ने डेली टेक्निकल चार्ट पर स्ट्रॉन्ग प्राइस वॉल्यूम ब्रेकआउट रजिस्टर्ड किया है। पॉजिटिव प्राइस पैटर्न के साथ बुलिश टेक्निकल पैरामीटर्स इस शेयर में तेजी का संकेत दे रहे हैं।

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Stocks in 2022 : नए साल में ये 5 शेयर जमकर कराएंगे कमाई, जानिए टारगेट प्राइस और एक्सपर्ट्स की राय

आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक आईटी शेयर मार्केट की रैली की अगुआई कर सकते हैं. इसके साथ ही ही कैपिटल गु्ड्स, BFSI,रियल एस्टेट और ऑटो स्टॉक में भी तेजी दिख सकती है.

Stocks in 2022 : नए साल में ये 5 शेयर जमकर कराएंगे कमाई, जानिए टारगेट प्राइस और एक्सपर्ट्स की राय

2022 में ये 5 शेयर देंगे जबरदस्त मुनाफा

देश के शेयर बाजारों में इस साल अच्छी तेजी दिखी. निफ्टी में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमश: 43 और 53 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. पिछले तीन दशकों का इतिहास देखें तो पाएंगे कि बाजार में ये तेजी आगे भी बनी रह सकती है. आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक आईटी शेयर मार्केट की रैली की अगुआई कर सकते हैं. इसके साथ ही ही कैपिटल गु्ड्स, BFSI,रियल एस्टेट और ऑटो स्टॉक में भी तेजी दिख सकती है. आने वाले कुछ वर्षों में मिड और स्मॉल कैप शेयरों में तेजी दिख सकती है. आइए देखते हैं नए साल में किन शेयरों में मुनाफे प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे अच्छा क्यों है? की संभावना बन रही है

भारती एयरटेल (Bharti Airtel)

टारगेट प्राइस – 956 रुपये

ARPU में बढ़ोतरी और 4G सब्सक्राइबर बेस में तेजी से कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में काफी अच्छा मुनाफा कमया है. दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1134 करोड़ रुपये का रहा और एबिटा में पहली तिमाही की तुलना में 6.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग ने इसे BUY की रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस 956 रुपये रखा है. यानी यह शेयर मौजूदा लेवल से 41.5 फीसदी बढ़ सकता है.

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आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल ( Aditya Birla Fashion)

टारगेट प्राइस – 360 रुपये

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल ( ABFRL) में हाल में निवेश हुआ है. इस वजह से इसका शुद्ध कर्ज 2500 करोड़ रुपये से घट कर 870 करोड़ रुपये रह गया है. यह शेयर तेजी से चढ़ा है और यह आगे मजबूती के संकेत दे रहा है. आईसीआईसीआई डायरेक्ट के मुताबिक यह शेयर आने वाले महीनों में 360 रुपये तक पहुंच सकता है.

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)

टारगेट प्राइस- 900 रुपये

वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक के मुनाफे में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. लोन ग्रोथ 17 फीसदी का रहा है. नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII में 24.8 फीसदी का इजाफा हुआ है. च्वाइस ब्रोकिंग ने इस शेयर के लिए 900 रुपये का टारगेट प्राइस रख कर इसे BUY की रेटिंग दी है.

यूनाइटेड स्पिरिट्स ( United Spirits)

टारगेट प्राइस – 1080 रुपये

शराब कंपनियों के शेयर में इस साल अच्छी बढ़त देखी गई. यूनाइटेड स्पिरिट्स इस साल छह साल के कंसोलिडेशन फेज से निकल आई. अब इसमें नई बुल साइकिल दिख सकती . नियर टर्म में यह शेयर 1000 रुपये तक जा सकता है. आईसीआईसीआई ने 1080 के टारगेट प्राइस के साथ इसे BUY की रेटिंग दी है. यानी इसमें मौजूदा स्तर से 22 फीसदी की बढ़ोतरी दिख सकती है.

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life Insurance)

टारगेट प्राइस- 833 रुपये

वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी ने काफी उत्साहजनक रिजल्ट दिया है. नए बिजनेस का प्रीमियम 6596 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की तुलना में 12.3 फीसदी अधिक है. पिछले वित्त वर्ष की तुलना में प्रीमियम कलेक्शन 14.2 फीसदी बढ़ा है.च्वाइस ब्रोकिंग ने इसे 833 के टारगेट प्राइस के साथ BUY की रेटिंग दी है.

(स्टोरी में दिए गए स्टॉक रिकमंडेशन संबंधित रिसर्च एनालिस्ट व ब्रोकरेज फर्म के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. पूंजी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन हैं. निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर परामर्श कर लें.)

लगातार टूट रहा टाटा ग्रुप का यह शेयर, 3 महीने के रिकॉर्ड लो पर गिरा भाव, दो दिन में ही तगड़ा नुकसान

कमजोर बाजार में मंगलवार के इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर टाटा एलेक्सी का शेयर तीन महीने के निचले स्तर 7,280 रुपये पर पहुंच गया। बीएसई पर टाटा ग्रुप (Tata Group) का यह शेयर 6 प्रतिशत गिर गया।

लगातार टूट रहा टाटा ग्रुप का यह शेयर, 3 महीने के रिकॉर्ड लो पर गिरा भाव, दो दिन में ही तगड़ा नुकसान

Tata Group Stock: कमजोर बाजार में मंगलवार के इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर टाटा एलेक्सी का शेयर (Tata elxsi) तीन महीने के निचले स्तर 7,280 रुपये पर पहुंच गया। बीएसई पर टाटा ग्रुप (Tata Group) का यह शेयर 6 प्रतिशत गिर गया। टाटा एलेक्सी के शेयरों में यह गिरावट कमजोर जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2FY23) नतीजों के बाद आई है। पिछले दो कारोबारी दिनों में स्टॉक 14 प्रतिशत फिसल गया है।

दो दिन से लगातार गिर रहा शेयर
पिछले दो दिनों की गिरावट के साथ टाटा एलेक्सी का शेयर प्राइस अपने रिकॉर्ड हाई 10,760 रुपये से 32 प्रतिशत करेक्ट हुआ है, जिसे उसने 17 अगस्त, 2022 को छुआ था। यह 21 जून, 2022 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसकी तुलना में, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स दोपहर 12:15 बजे 1.1 प्रतिशत ऊपर था। दो दिनों में इंडेक्स 2 फीसदी चढ़ा है।

कंपनी के तिमाही नतीजें
Q2FY23 के लिए Tata Elxsi ने परिचालन से 763 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जेनरेट किया है। यह तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) 5.1 प्रतिशत कम है। वहीं, साल-दर-साल (YoY) 28.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। EBITDA मार्जिन 312 आधार अंक QoQ घटकर 29.7 प्रतिशत हो गया, जबकि शुद्ध लाभ 174.3 करोड़ रुपये रहा। यह QoQ में 5.7 प्रतिशत नीचे लेकिन YoY में 39.1 प्रतिशत ज्यादा है।

Best Stocks: गिरते बाजार में अभी खरीद सकते हैं ये 5 शेयर, लखपति को करोड़पति बनाने की ताकत!

रिसर्च फर्म सीएनआई रिसर्च (CNI Research) के सीएमडी किशोर ओस्तवाल (Kishor Ostwal) का मानना है कि अभी आई गिरावट ने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का बढ़िया अवसर दिया है. ओस्तवाल ने ये दावा भी किया कि इंटेरेस्ट रेट बढ़ने के बाद भी अब बाजार ऊपर चढ़ेगा.

अभी शेयर खरीदने का बढ़िया मौका

सुभाष कुमार सुमन

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2022,
  • (अपडेटेड 16 जून 2022, 8:59 AM IST)
  • इस साल करीब 2000 अंक टूट चुका है निफ्टी
  • अक्टूबर के बाद बिकवाली की चपेट में बाजार

दुनिया भर के शेयर बाजार (Share Market) अभी बिकवाली की चपेट में हैं. भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) भी इससे अछूते नहीं हैं. विदेशी निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली, बढ़ती महंगाई, मंदी की आशंका आदि जैसे फैक्टर्स बाजार को संभलने का कोई मौका नहीं दे रहे हैं. बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) दोनों आज भी प्रेशर में कारोबार कर रहे हैं. पिछले पांच दिन में निफ्टी करीब 4 फीसदी टूटा है. इस साल अब तक निफ्टी करीब 2000 अंक यानी 11 फीसदी के नुकसान में है. लगातार आई गिरावट के चलते कई इन्वेस्टर्स घबराकर अपनी होल्डिंग्स बेच रहे हैं. हालांकि कई एक्सपर्ट बाजार में आए इस डिप को क्वालिटी स्टॉक्स खरीदने का बढ़िया मौका मान रहे हैं. उनका मानना है कि यह समय होल्ड करने और नया खरीदने का है.

रिसर्च फर्म सीएनआई रिसर्च (CNI Research) के सीएमडी किशोर ओस्तवाल (Kishor Ostwal) का मानना है कि अभी आई गिरावट ने स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का बढ़िया अवसर दिया है. ओस्तवाल ने ये दावा भी किया कि इंटेरेस्ट रेट बढ़ने के बाद भी अब बाजार ऊपर चढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अभी कई ऐसे सेक्टर हैं, जिनके स्टॉक्स खरीदने से आने वाले समय में बढ़िया रिटर्न मिल सकता है. उन्होंने कहा कि चीनी और गेहूं से जुड़े स्टॉक्स को खरीदना फायदे का सौदा है. उन्होंने पांच ऐसे शेयरों के बारे में भी बताया, जिनमें अभी इन्वेस्ट करना सही साबित हो सकता है.

टाइटन (Titan): टाटा समूह की इस कंपनी का शेयर प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे अच्छा क्यों है? आज के कारोबार में मामूली मजूबती में रहा है. हालांकि यह पिछले पांच दिन, एक महीने, छह महीने और इस साल अब तक के हिसाब से गिरा हुआ है. पिछले छह महीने में यह स्टॉक करीब 10 फीसदी गिरा है. इस साल जनवरी से अब तक इसके भाव में 16 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है. इसका 52-वीक हाई 2,768 रुपये है, जबकि अभी यह 2,100 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है. इस तरह यह स्टॉक 'Buy The Dip' की लिस्ट में पसंदीदा बन जाता है.

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एशियन पेंट्स (Asian Paints): इस ब्लूचिप स्टॉक का भाव अभी ऑल टाइम हाई से करीब 1000 रुपये नीचे आया हुआ है. कभी यह स्टॉक 3,590 रुपये के हाई तक गया था, लेकिन अभी 2,650 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है. इस साल अब तक इसका भाव 22 फीसदी से ज्यादा गिरा है, जबकि बीते छह महीने में इसमें 19.50 फीसदी की गिरावट आई है. पिछले एक महीने में ही इस स्टॉक में 11 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है.

इंफोसिस (Infosys): भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड इन्वेस्टर्स की पसंदीदा रही है. आज भी इस आईटी कंपनी का स्टॉक करीब 1.50 फीसदी तक की गिरावट में है और 1,420 रुपये के आस-पास है. एक समय इस स्टॉक का भाव 1,953.90 रुपये के हाई तक पहुंचा था. इस साल जनवरी से अब तक इंफोसिस का शेयर प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे अच्छा क्यों है? 25 फीसदी से ज्यादा गिरा है. इसी तरह बीते छह महीने में इसमें करीब 18 फीसदी की गिरावट आई है.

रेणुका शूगर (Renuka Sugar): ग्लोबल फूड क्राइसिस के मौजूद दौर में गेहूं के बाद सबसे ज्यादा भाव चीनी के ही बढ़े हैं. इसी कारण भारत सरकार ने गेहूं के बाद चीनी के एक्सपोर्ट पर भी पाबंदियां लगा दी हैं. सरकार चाहती है कि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कीमतें अधिक न बढ़ें. इसके अलावा इथेनॉल पर सरकार के फोकस से भी चीनी कंपनियों के स्टॉक आने वाले समय के लिए बेहतर संभावनाएं दिखा रहे हैं. आज इस स्टॉक का भाव करीब एक फीसदी मजबूती के साथ 50 रुपये के आस-पास है. यह भी अपने पीक से करीब 23 फीसदी नीचे है.

सेल (Sail): स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की गिनती नवरत्नों में होती है. बदली भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने भी मेटल खासकर स्टील स्टॉक्स की अहमियत बढ़ा दी है. सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए एक्सपोर्ट पर शुल्क बढ़ाया है. आज के कारोबार में इसका भाव भी करीब एक फीसदी गिरा हुआ है. दूसरी ओर ऑल टाइम हाई से इसकी कीमत 50 फीसदी से ज्यादा टूटी हुई है. कभी 145.90 रुपये तक पहुंचा यह स्टॉक अभी 70 रुपये के आस-पास ट्रेड कर रहा है.

(Disclaimer: शेयर बाजार में पैसे लगाने पर कई तरह के रिस्क होते हैं. स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने से पहले आप खुद से रिसर्च जरूर करें या अपने पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर की सलाह लें.)

अमेरिका में डबल बढ़ी रिटेल महंगाई, फिर भी भागे वैश्विक शेयर बाजार! कब तक टिकेगी तेजी

ज्यादातर एक्सपर्ट्स देखना चाहते हैं कि ये तेजी कितना टिकेगी.

ज्यादातर एक्सपर्ट्स देखना चाहते हैं कि ये तेजी कितना टिकेगी.

अमेरिका की कंज्यूमर रिटेल इन्फ्लेशन (CPI in US) में अनुमान से दोगुना वृद्धि के बाद भी शेयर बाजारों में उछाल आया है. इसक . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 14, 2022, 12:24 IST

हाइलाइट्स

फेड की सख्ती से अमेरिकी बाजार 25 फीसदी तक गिर चुका है.
अगस्त से तुलना की जाए तो सितंबर में प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे अच्छा क्यों है? यूएस कंज्यूमर प्राइस 0.4 फ़ीसदी बढ़ा है
s&p 500 में 5 फ़ीसदी की तेजी आने की वजह मार्केट पोजिशनिंग हो सकती है.

नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से गिर रहा भारतीय शेयर बाजार आज तेज है. बेंचमार्क सेंसेक्स लगभग 1000 पॉइंट ऊपर है तो निफ़्टी50 इंडेक्स एक बार फिर से 17,300 के ऊपर ट्रेड कर रहा है. इस उछाल में गुरुवार को आए इंफोसिस के नतीजे और बैंकिंग सेक्टर में तेजी ने बड़ा योगदान दिया है. इंफोसिस का शेयर आज लगभग 5 फ़ीसदी तेजी के साथ ट्रेड हो रहा है.

एशिया के तमाम बाजार आज बढ़ते हुए देखे गए हैं. इसके पीछे मुख्य वजह है वॉल स्ट्रीट (अमेरिकी शेयर बाजार) पर कल रात आई तेजी. अमेरिका की महंगाई दर उम्मीद से कहीं ज्यादा आने के बाद भी शेयर बाजारों ने अच्छी रिकवरी की और बढ़त के साथ बंद हुए. इसी का असर आज तमाम एशियन बाजारों पर देखा गया है. लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट देखना चाहते हैं कि यह तेजी कितने समय तक टिकी रहेगी. क्योंकि अमेरिकी इन्फ्लेशन रेट में तगड़ा उछाल आया है.

अमेरिकी महंगाई में उम्मीद से दोगुना वृद्धि
अगस्त से तुलना की जाए तो सितंबर में यूएस कंज्यूमर प्राइस 0.4 फ़ीसदी बढ़ा है, जबकि विशेषज्ञ इसमें 0.2 फ़ीसदी की बढ़त का अनुमान लगा रहे थे. इन आंकड़ों का सीधा मतलब यह है कि अमेरिका में महंगाई बढ़ती जा रही है और हालात बद से बदतर की तरफ अग्रसर हैं. अमेरिकी फेडरल बैंक द्वारा उठाए गए तमाम कदमों का कोई असर नहीं दिख रहा है. कल महंगाई का डाटा आने से पहले अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही थी, लेकिन आंकड़ों के पब्लिश होने के बाद तमाम अमेरिकी बाजारों में शार्प रिकवरी देखी गई. सभी बाजार उछलकर बंद हुए.

दिलचस्प प्राइस एक्शन देखा!
आईएएफ ग्लोबल ने अपने एक नोट में कहा है, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में वृद्धि के बाद टेक्निकल फैक्टर्स और पोजिशनिंग के हिसाब से हमने काफी दिलचस्प प्राइस एक्शन देखा. डॉलर तुरंत मजबूत होना शुरू हो गया और शेयर बाजारों में जबरदस्त शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली. इक्विटी में भी इंट्राडे में पूरी तरह से रिवर्सल हो गया. नैस्डेक 2.2 फ़ीसदी बढ़कर बंद हुआ. हम समझते हैं कि s&p 500 के 50 फ़ीसदी रिट्रेसमेंट (50 फीसदी नीचे आने) पर एल्गो ट्रेडिंग के माध्यम से यह खरीदारी हुई हो सकती है. कोरोना के बाद s&p 500 अपने उच्चतम स्तर से 50 फीसदी भी नीचे आ चुका है.”

फेड की सख्ती से 25 फीसदी गिरा बाजार
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल बैंक द्वारा उठाए गए सख्त कदमों के बाद से ही अमेरिकी शेयर बाजार में 25 फ़ीसदी की गिरावट आई है. इसके बाद भी निवेशकों को समझ नहीं आ रहा कि बाजार अभी और कितना गिर सकता है या फिर कब इसमें रिकवरी शुरू होगी.

लाइव मिंट की एक खबर के अनुसार, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश सलाहकार वीके विजयकुमार ने कहा है, s&p 500 में 5 फ़ीसदी की तेजी आने की वजह मार्केट पोजिशनिंग हो सकती है. अमेरिकी रिटेल महंगाई दर में खतरनाक वृद्धि के बाद भी मार्केट में इस तरह का रिवर्सल इसी वजह से संभव हुआ हो सकता है. शेयर बाजार ओवरसोल्ड था और ऊंची महंगाई दर एवं फेड के सख्त रवैये के चलते बाजार में बिकवाली हो रही थी. ओवरसोल्ड मार्केट पोजिशनिंग की वजह से शॉर्ट कवरिंग शुरू हुई और डाओ में 1,400 अंकों की जबरदस्त तेजी देखने को मिली.

विजयकुमार ने आगे कहा कि इसी तरह की शॉर्ट कवरिंग और शार्प रैलीज़ भारतीय बाजार में भी देखने को मिल सकती हैं. बड़ा सवाल यह है कि इस तरह की रैली कितने समय तक टिकेगी. वैश्विक स्तर पर बने हालातों को देखा जाए तो एक स्तर के बाद यह रैली टिक नहीं सकेगी.

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