औसत वेग का एस मात्रक मीटर प्रति सेकेंड या m/s या ms –1 है।

Palmistry: आयु रेखा के के साथ-साथ और भी तरीके हैं Age जानने के, ऐसे करें चेक

चलती औसत रेखा क्या है

किसी वस्तु के एकसमान एवं असमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ की प्रकृति क्या होती है?

समान गति का दूरी-समय ग्राफ एक सीधी रेखा होती है।
असमान गति वाली वस्तु का दूरी-समय ग्राफ वक्र रेखा होती है।

अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को 20 kmh -1 पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल 40 kmh -1 है। अब्दुल के इस पूरे ट्रिप की औसत चाल क्या है?

मान स्कूल की दुरी = x km
20 k/h की चाल से लिया गया समय =
30 km/h की चाल से वापिस आने में लगा समय =
कुल लिया गया समय =

कुल तय की गई दूरी = x + x = 2x km

एक एथलीट वृत्तीय रस्ते चलती औसत रेखा क्या है जिसका व्यास 200 m है का एक चक्कर 40 s में लगता है। 2 min 20 s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?

व्यास = 200 m
त्रिज्या = 100 m

कुल समय = 2 min 20 s = 140 s
परिधि =
140 s में तय चलती औसत रेखा क्या है की गई दूरी =
विस्थापन = 2r = 2 x चलती औसत रेखा क्या है 100 = 200m

कुल कितने साल है आपकी आयु इन 4 चलती औसत रेखा क्या है तरीकों से जानें

कुल कितने साल है आपकी आयु इन 4 तरीकों से जानें

हर व्यक्ति यह जानना चाहता है कि उसकी कुल आयु कितनी है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं तो बहुत आसानी से इस रहस्य को जान सकते हैं क्योंकि जीवन के साथ ही व्यक्ति अपनी मृत्यु भी साथ लेकर आता है। व्यक्ति कहीं भी रहे मृत्यु सदा उसके पीछे-पीछे चलती है समय पूरा होने पर उसे अपने साथ लेकर चल देती है। इसलिए मृत्यु से डरने की बजाय अपनी कुल आयु का ज्ञान प्राप्तकर हर व्यक्ति जीवन का आनंद प्राप्त कर सकता है। यहां एक बात बता दें कि व्यक्ति अपने कर्मों से अपनी आयु कुछ कम या ज्यादा भी कर सकता है। जिसका उल्लेख शास्त्रों और पुराणों में भी हुआ है।

Palmistry: आयु रेखा के के साथ-साथ और भी तरीके हैं Age जानने के, ऐसे करें चेक

  • हर व्‍यक्ति जानना चाहता है अपनी आयु
  • हाथ और माथे की रेखाएं बताती हैं उम्र का राज
  • उंगली की लंबाई से भी जान सकते हैं कि कितने साल जिएंगे

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ऐसे जानें अपनी चलती औसत रेखा क्या है आयु

- हथेली में आयु रेखा का पूर्ण होना व्‍यक्ति को कम से कम 70 साल तक की आयु देती है. नीच मंगल स्थान से शुक्र पर्वत को गोल घेरते हुए मणिबंध तक पतली, स्पष्ट और अटूट रेखा के जाने को पूर्ण आयु रेखा माना जाता है. इस रेखा को कोई अन्‍य रेखा काटे या जीवन रेखा आगे तक बढ़ी हुई ना तो इसे अच्‍छा संकेत नहीं कहा जा सकता है. हालांकि रेखा कटने के बाद भी आगे बढ़ रही हो तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति के जीवन पर संकट तो आएगा लेकिन टल जाएगा.

- कलाई के पास कुछ गोल रेखाएं होती हैं, जिन्‍हें मणिबंध रेखा कहते हैं. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हर मणिबंध रेखा की आयु 25 वर्ष मानी गई है. इस हिसाब से कलाई में जितनी मणिबंध रेखा होंगी व्‍यक्ति की आयु उतनी ज्‍यादा होगी. बता दें कि किसी भी व्यक्ति के हाथ में इनकी संख्‍या ज्‍यादा से ज्‍यादा चलती औसत रेखा क्या है 4 हो सकती है.

- माथे की लकीरें भी आयु बताती हैं. माथे की हर रेखा 20 वर्ष की जिंदगी का संकेत देती है. इस लिहाज से जितनी रेखाएं होंगी, उतनी आयु होगी. यहां भी रेखाएं 4-5 से ज्‍यादा नहीं होंगी.

धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य वेग के लिए स्थिति–समय ग्राफ

धनात्मक वेग और ऋणात्मक वेग तथा विरामावस्था के लिए स्थिति समय ग्राफ

स्थिति–समय ग्राफ (a) धनात्मक वेग को दर्शाता है। स्थिति–समय ग्राफ (b) ऋणात्मक वेग को दर्शाता है, जबकि स्थिति–समय ग्राफ (c) शून्य वेग को दर्शाता है।

तात्क्षणिक वेग एवं चाल (इंसटैटेनियस वेलोसिटी एंड स्पीड)

किसी वस्तु का किसी खास समय में वेग को तात्क्षणिक वेग कहा जाता है।

अर्थात किसी वस्तु का किसी खास समय (t) में वेग (v) उसका तात्क्षणिक वेग कहलाता है। और इस तात्क्षणिक वेग को 'v' से संसूचित किया जाता है।

किसी गतिमान वस्तु का तात्क्षणिक वेग उसके औसत वेग के बराबर होता है यदि उसके दो समयों (t और t + Δt) के बीच का अंतराल, Δt, अनन्त: सूक्ष्म हो।

दूसरे शब्दों में,

जहाँ ` <:(lim),(Delta\t->0):>` का अर्थ या तात्पर्य उसके दायीं ओर स्थित राशि जैसे `(Delta\x)/(Delta\t)` का वह मान है जो Δt के मान को शून्य की ओर ` Delta\t->0` प्रवृत्त करने पर प्राप्त होगा।

कलन गणित की भाषा में ऊपर के समीकरण में दायीं ओर की राशि `((dx)/(dt))\ x` का t के सापेक्ष अवकलन गुणांक है।

त्वरण (एक्सलरेशन)

किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण (एक्सलरेशन) कहते हैं।

त्वरण का एस आई मात्रक (एस आई यूनिट ऑफ एक्सलरेशन)

त्वरण का एस आई मात्रक मीटर प्रति सेकेंड प्रति सेकेंड ( m/s/s) या ms –2 है।

औसत त्वरण (एवरेज एक्सलरेशन)

गतिमान वस्तु के वेग में समय के साथ परिवर्तन की दर औसत त्वरण (एवरेज एक्सलरेशन), `bar\a` कहलाती है।

जहाँ v2 और v1 वस्तु का क्रमश: समय t2 और t1 में तात्क्षणिक वेग या केवल वेग है। वास्तव में यह इकाई समय में वेग में परिवर्तन की दर है।

तात्क्षणिक त्वरण

तात्क्षणिक त्वरण को तात्क्षणिक वेग के समान ही परिभाषित किया जा सकता है।

v–t ग्राफ में किसी क्षण वस्तु का त्वरण उस क्षण वक्र पर खींची गयी स्पर्श रेखा की प्रवणता के बराबर होता है।

एक समान चुंबकीय क्षेत्र :-

चुंबक के ध्रुव से दूर जाने पर एक ऐसा स्थान आता है। जहां पर चुंबकीय बल रेखाएं एक-दूसरे के समांतर व समान दूरी पर स्थित होती है। अतः चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा व परिमाण एक ही होती है। इस प्रकार के क्षेत्र को एक समान चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं।

  1. चुंबकीय बल रेखाएं एक बन्द वक्र बनती है। क्योंकि यह चुंबक के उत्तरी ध्रुव से निकलकर दक्षिणी ध्रुव में होते हुए उत्तरी ध्रुव पर वापस लौट आती है। जैसा चित्र में दर्शाया गया है।
  2. चुंबकीय बल रेखाएं कभी भी एक दूसरे को काटती नहीं है।
  3. जहां चुंबकीय बल रेखाएं पास-पास होती हैं। वहां चुंबकीय क्षेत्र प्रबल होता है। तथा जहां चुंबकीय बल रेखाएं दूर-दूर होती है। वहां चुंबकीय क्षेत्र दुर्बल होता है।
  4. जिस स्थान पर चुंबकीय बल रेखाएं एक-दूसरी रेखाओं के समांतर व समदूरस्थ (समान दूरी) पर होती है। तो इस प्रकार के क्षेत्र को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं।
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