· एडीएक्स लाइन 20 से ऊपर है और ऊपर की ओर उठ रही है।

बाइक इंडिकेटर काम ना करे तो क्या चेक करना चाहिए

एमएसीडी-एडीएक्स इंडिकेटर के साथ डे ट्रेडिंग करना सीखे|

परिचय
एमएसीडी (मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस / डाइवर्जेंस इंडिकेटर) और एडीएक्स(एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स) दो सबसे बड़े तकनीकी संकेतक हैं। मुझे यकीन है कि आप में से अधिकांश ने कभी ना कभी उनका उपयोग किया इंडिकेटर क्या है होगा। उन्हें ठीक से एक साथ मिलाएं और आप एक बढ़िया ट्रेडिंग सिस्टम बना सकते हैं।पढ़ते रहें और नीचे दिए गए परिणामों से सीखें।

एमएसीडी
एमएसीडी दो एक्स्पोनेंशियल मूविंग एवरेजेस के अंतर का उपयोग ट्रेंड की दिशा और इसका मोमेंटम बताने के लिए करता है। एमएसीडी के ईएमए (सिग्नल लाइन)के साथ उपयोग करना हमें एक भरोसेमंद संकेतक देता है। आप इसके उपयोग और निर्माण के बारे में एमएसीडी का डे-ट्रेडिंग में उपयोग कैसे करें? से जान सकते हैं।

एडीएक्स
एडीएक्स इंडिकेटर का मुख्य उपयोग बिना दिशा के संदर्भ के ट्रेंड की शक्ति को मापना है। यदि इंडिकेटर 25 लाइन से ऊपर पहुंचता है तो ट्रेंड को मजबूत माना जाता है। इसके विपरीत, यदि इंडिकेटर 25 लाइन से नीचे है, तो ट्रेंड कमजोर है या मार्केट में ट्रेंड नहीं है। 30 से अधिक एडीएक्स इंडिकेटर मजबूत प्रवृत्ति को प्रदर्शित करता है - यह निश्चित रूप से ट्रेड में आने का सबसे अच्छा समय है।

Zig Zag indicator in Hindi ||आखिर क्यों करते है जिग जैग इंडिकेटर का उपयोग

आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि जिग जैग (Zig Zag) इंडिकेटर क्या है और इसका उपयोग हम टैक्निकल एनालिसिस करते समय कैसे कर सकते है तथा हमे इससे क्या लाभ मिल सकता है,
Zig zag indicator का उपयोग हमे करना चाहिए या नहीं

जिग जैग (Zig Zag) इंडिकेटर का प्रयोग हम चार्ट में टेक्निकल एनालिसिस करते समय प्राइस का ट्रेंड जानने के लिए करते है ।

जैसा की इंडीकेटर के नाम से ही समझ में आ रहा है zig zag, इसी तरह से हमारा शेयर मार्केट भी वर्क करता है यानी कभी आप ने ये देखा की निफ्टी उप ट्रेंड में हो और वो नीचे न आए बस सीधे ही ऊपर ही ऊपर जाती जाए वैसे ही जिग जैग (Zig Zag) इंडिकेटर बड़े टाइम फ्रेम में ट्रेंड सही बताता है छोटे टीम फ्रेम में कभी कभी गड़बड़ हो जाती है।

जिग जैग (Zig Zag) इंडिकेटर कैसे बनता है :

देखिए आप लोगो का मोटिव होना चाहिए इसका उपयोग कैसे करे हम, न की इसका फॉर्मूला क्या है कैसे बनता है अगर आप को सीखना है तो हम हम को बताएंगे इसका सही से उपयोग करना लेकिन जिन लोगो को सिर्फ फॉर्मूला हि देखना है तो उनके लिए Google बाबा है सर्च कर सकते है।

indicator buzzer क्या है इसे कैसे लगाएं

buzzer को indicator के flasher इंडिकेटर क्या है के साथ लगाया जाता है जब हम indicator को on करते है तो यह बजता रहता है

और यह बताता है की bike का indicator on हो चूका है इसको लगाना भी बहुत आसान होता है buzzer की वायर को flasher की वायर के साथ ही लगाया जाता है

buzzer में भी दो वायर होती है और flasher में भी दो पिन होती है आपको buzzer की दोनों तारो को छिलना है और + – को देखकर flasher की पिन में लगाकर वायरिंग की तार में लगा देना है आपका buzzer लग जाएगा

निष्कर्ष

आशा करते है की आपको बाइक इंडिकेटर काम ना करे तो क्या चेक करना चाहिए इसके बारे में पता चल गया होगा और अब अगर आपकी बाइक का इंडिकेटर खराब होगा तो आप आसानी से चेक कर लोगे अगर आपको फिर भी कोई समस्या है तो comment करे हम आपकी मदत करेगे

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जानिए कुछ सवालों के जवाब

Q . क्यों खराब होता है indicator ?

Q . चारो indicator एक साथ बंद हो जाए तो क्या करे ?

ans . अगर आपकी bike के चारो indicator एक साथ बंद हो जाए तो आपको , बैटरी , फ्लेसर , फ्यूज , वायरिंग , स्विच को चेक करना है|

Q . कितने में मिल जाता है bike indicator price ?

ans . आपको एक देसी indicator 30 से 50 रूपये तक मिल जाता है लेकिन अच्छी company का indicator आपको 100 से 120 रूपये में एक मिलेगा |

Q buzzer का इस्तेमाल कहा किया जाता है ?

ans . buzzer का इस्तेमाल फ्लेसर के साथ किया जाता है जब हम indicator को चलाते है तो यह buzzer अवाज करता है और हमें बताता है की indicator चल गया है

सूचक किसे कहते है ?,indicator kise kahte hain

Indicator kise kahte hain – ऐसे पदार्थ जो हनरे यह जानकारी करते हैं कि दिया गया पदार्थ अम्ल हैं या क्षार सूचक कहलाते है। आज हम सूचक के बारे में विस्तृत रूप इंडिकेटर क्या है से पढेंगे। साथ ही साथ हम यह भी जानेंगे। कि सूचक के कितने प्रकार होते है ? और उदारहण सहित सभी सूचकों के बारे में यहां पर हम आपको जनाकारी प्रदान कर रहे है। तो इंडिकेटर क्या है आइए शुरू करते है और पढ़ते हैं – सूचक किसे कहते है (indicator kise kahte hain)

indicator kise kahte hain

सूचक एक रंजक होता है।जो इंडिकेटर क्या है किसी अम्ल या क्षार के संपर्क में लाए जाने पर अपना रंग बदलता है।सूचक अम्ल तथा क्षार में भिन्न-भिन्न रंग देता है।अतः सूचक हमें यह बताता है। कि जिस पदार्थ का हम परीक्षण कर रहे हैं।वह अम्ल है या क्षार।

सूचक के प्रकार –

सूचक के तीन प्रकार होते है।

  1. प्राकृतिक सूचक।
  2. कृत्रिम सूचक।
  3. गन्धिय सूचक।

प्राकृतिक सूचक किसे कहते है ?

ये पौधे में पाए जाते है – जैसे – लिटमस , लाल पत्ता गोभी, हायड्रेजिया पौधे के फूल, हल्दी आदि।

कृत्रिम सूचक किसे कहते है ?

ये रासायनिक पदार्थ होते है जैसे – मैथिल ऑरेंज , फिनाफ्थलीन आदि।

गंधीय सूचक किसे कहते है ?

इन पदार्थों की गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती हैं । जैसे – प्याज , लौंग का तेल आदि।

सूचक और रंग या गन्ध परिवर्तन ::

सूचकरंग या गन्ध में परिवर्तन ( अम्ल के साथ )रंग या गन्ध में परिवर्तन( क्षार के साथ)
प्राकृतिक सूचक
1.लिटमसलालनीला
2.लाल पत्ता गोभीलालहरा
3. हल्दीकोई बदलाव नहीलाल
4. हयड्रेजिया के फूल का रसनीलागुलाबी
कृतिम सूचक
1.फिनाफ्थलीनरंगहीनगुलाबी
2.मैथिक ऑरेंजलालपीला
गंधीय सूचक
1. प्याज का रसतीक्ष्ण गन्धकोई गन्ध नहीं।
2.लौंग का तेलसमान गन्ध रहती हैं।कोई गन्ध नही।

जानिए व्हीकल में इंडिकेटर टर्न लेने के अलावा इंडिकेटर क्या है किस काम आता है, यहां पढ़ें इसके बारे में.

व्हीकल के लिए इंडिकेटर बहुत जरूरी गैजेट बन गया है.

  • News18Hindi
  • इंडिकेटर क्या है
  • Last Updated : July 21, 2021, 10:42 IST

नई दिल्ली. टू-व्हीलर हो या फोर व्हीलर या फिर कामर्शियल वाहन हो इन सभी के लिए इंडिकेटर जरूरी गैजेट बन गया है. क्योंकि बिना इंडिकेटर के वाहनों को टर्न लेना काफी मुश्किल भरा होता है. वहीं रात में तो बिना इंडिकेटर के आप टर्न ले भी नहीं सकते अगर आपके वाहन में इंडिकेटर नहीं है तो कई बार हादसों की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में बहुत से लोग इंडिकेटर को सिर्फ और सिर्फ टर्न लेने के लिए ही उपयोगी मानते है. लेकिन ऐसा कतई नहीं है क्योंकि इंडिकेटर के इसके अलावा कई और भी यूज हैं. जिनके बारे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं. आइए जानते है इसके बारे में.

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